कितनी भी प्रशंसा करो कम है।

एक ऐसा मंदिर जिसकी सुंदरता का वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता है। कितनी भी प्रशंसा करो कम है।
महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित गोपेश्वर मंदिर में जरूर जाना जाके देखना चाहिए। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। प्राचीन तीर्थ मंदिरों में से एक है।मंदिर में वास्तु कला के द्वारा इसका ऐसा सुंदर और अद्भुत निर्माण किया गया है। जिससे देखते हुए मन नही भरता है। मंदिर में सबसे ज्यादा आकर्षित करने वाला है इसका स्वर्गमंडप । यह एक गोलाकार स्तंभ है जो 48 स्तंभों द्वारा बना है। इन स्तंभों अलग अलग देवताओं से अलंकृत किया गया है। इसमें 12 राशिया भी शामिल हैं । ऐसी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन चंद्रमा स्वर्गमंडप के केंद्र में पूरी तरह से दिखाई देता है। यह देवीय कृपा से संभव है। लोककथा के अनुसार जब माता सती ने आत्म त्याग किया था । उसके बाद शिव जी बहुत क्रोधित हो गए थे । इसलिए भगवान विष्णु जी उन्हें शांत करने के लिए इस स्थान पर ले आए थे

Comments

Popular posts from this blog

इंद्रप्रस्थ

तुमसे जुदा न होंगे हम

वो स्वयं को रचिता समझ बैठी हैं।