यात्रा २३.०४.२०८१

सभी चमक धमक के अपने ह्रदय को कोमल बना कर चल दिए, जाना था मंदिर जहा विराजमान हैं,


परम भक्त श्री हनुमान जो भक्ति के सागर हैं भगवान राम नाम जाप में ध्यानरत रहते हैं सदेव, आज उनकी जयंती हैं


समाज का के बड़ा वर्ग उनके आशिर्वाद को आतुर मंदिर मंदिर लाइन में लगा हैं।


कहते है न ना जाने किस रूप में हरी मिल जायेंगे।


आज अनुभव का दिन हैं अपनी ऊर्जा बढ़ाने का दिवस हैं

सभी साधक लग गए हैं अपनी ऊर्जा को और शक्ति और गति देने में।


भगवान सबकी रक्षा करते हैं।


जय श्री राम।

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